बधैया बाजे

श्री राम के अवतार लेते ही अयोध्या के घर आँगन में बधाई गीत गूँज उठे ।

बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे ॥

राम लखन शत्रुघन भरत जी ,
झूलें कंचन पालने में ,
बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे ॥

प्रेम मुदित मन तीनों रानी
सगुन मनावैं मन ही मन में ,
बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे ॥

राजा दसरथ रतन लुटावै ,
लाजे ना कोउ माँगने में ,
बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे ॥

राम जनम को कौतुक देखत ,
बीती रजनी जागने में ,
बधैया बाजे, आंगने में बधैया बाजे ॥



© श्री राम गीत गुंजन

Shri Ram Geet Gunjan
ramgeetgunjan.blogspot.com

1 comment:

Ankit pandey said...

बहुत खूब..सुन्दर रचना, प्रभावशाली पंक्तियाँ।